नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान कई आईएएस अधिकारी अपने इस्तीफ़े दे रहे हैं।

एक तरफ तो नरेंद्र मोदी सरकार बेहतरीन सरकार चलाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ कुछ और ही देखने को मिल रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान कई आईएएस अधिकारी अपने इस्तीफ़े दे रहे हैं। कई आईएएस अधिकारियों ने अपना इस्तीफ़ा देते वक्त यह बात कही है कि नरेंद्र मोदी सरकार की कार्यशैली से वह खुश नहीं है, जिसकी वजह से मजबूरन इस्तीफ़ा देना पड़ रहा है। हाल ही में आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफ़ा दे दिया है। ऐसा करने वाले यह पहले आईएएस अधिकारी नहीं है। इनसे पहले जम्मू कश्मीर के शाह फ़ैसल अपना इस्तीफ़ा सरकार को सौंप चुके हैं।

हाल ही में आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफ़ा दे दिया है।

मोदी सरकार की कार्यशैली से परेशान होकर एक और आईपीएस ने दिया इस्तीफ़ा...

लगातार दूसरी बार सरकार में आते ही नरेंद्र मोदी सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सरकार ने तीन तलाक बिल पास कराया और उसके बाद कश्मीर से अचानक ही अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया। सरकार को विपक्षी पार्टी के नेताओं की तरफ से काफी विरोध भी झेलना पड़ा। अलगाववादी नेता महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला और कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तो अभी तक इसका विरोध कर रहे हैं। नरेंद्र मोदी सरकार के कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच अभी तक युद्ध की स्थिति बनी हुई है।

इस एनआरसी लिस्ट में 1900000 लोगों का नाम न होने की वजह से राजनीति अपने चरम पर है।

मोदी सरकार की कार्यशैली से परेशान होकर एक और आईपीएस ने दिया इस्तीफ़ा...

हाल ही में नरेंद्र मोदी सरकार ने असम में आख़िरी एनआरसी लिस्ट जारी की। इस एनआरसी लिस्ट में 1900000 लोगों का नाम न होने की वजह से राजनीति अपने चरम पर है। आख़िरी एनआरसी लिस्ट जारी करने को लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं ने ही नहीं बल्कि बीजेपी पार्टी के नेताओं ने भी विरोध दर्ज कराया है।

कई आईएएस ऑफिसर तो यहां तक कह चुके हैं कि लोकतंत्र सही हिसाब से नहीं चल रहा है बल्कि लोकतंत्र अभी खतरे में है। मोदी सरकार की कार्यशैली से नाराज़ आईएएस अधिकारी शशिकांत ने इस्तीफ़ा देते हुए कहा कि लोकतंत्र से समझौता हो रहा है।

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