इसरो लाया है सैटेलाइट की नई प्रणाली जो देगा भारत को आँखें

इसरो का एक और सबसे बड़ा मिशन, बात करें अगर इसरो के पिछले मिशन की तो चंद्रयान 2 की सफलता पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। चंद्रयान 2 ने अभी चाँद की कुछ क़रीबी तस्वीरें भेजी हैं।

अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी सफलता, चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान- 2

एक ऐसा सैटेलाइट जिससे अब कुछ भी नहीं छिपेगा, भारत होगा अब और भी सुरक्षित

टेरेन मैपिंग कैमरा 2 (TMC-2) द्वारा 23 अगस्त 2019 को ~ 4375 किमी की ऊँचाई पर चाँद की सतह की कुछ तस्वीरें भेजी हैं, जिसमें जैक्सन, मित्रा, मच और कोरोलेव जैसे क्रेटर का प्रभाव साफ़ दिखाई दे रहा है।

एक ऐसा सैटेलाइट जिससे अब कुछ भी नहीं छिपेगा, भारत होगा अब और भी सुरक्षित

अब इसरो एक और मिशन में जुट गया है, एक ऐसा सैटेलाइट जो रखेगा पूरे भारत पर नज़र रखेगा, ये देश पर आने वाली सभी आपदाओं पर नज़र रखेगा। यह न तो सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं पर बल्कि आतंकियों और देश में घुसपैठ करने वालों पर भी पूरी तरह से नज़र रखने में सक्षम रहेगा।

एक ऐसा सैटेलाइट जिससे अब कुछ भी नहीं छिपेगा, भारत होगा अब और भी सुरक्षित

इसरो के चेयरमैन के.सिवन ने ये ऐलान किया है कि अक्टूबर के अंत में या तो नवंबर की शुरुवात में उन्नत कार्टोग्राफी उपग्रह कार्टोसैट-3 का प्रक्षेपण करेंगे।

चंद्रयान 2 को PM मोदी  के साथ, चाँद की सतह पर उतारते देखने का पाए मौका , बस आपको करना होगा कुछ ऐसा…

इसरो ने पृथ्वी का निरीक्षण करने वाला रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट बनाया है जिसका नाम कार्टोसैट-3 है। यह कार्टोसैट-2  सीरीज़ के सैटेलाइट का अपग्रेड संस्करण है। इसमें पहले से बेहतर तस्वीर लेने की क्षमता है और इसके साथ ही प्लानिंग की ऍप्लिकेशन्स भी होंगी। इस सैटेलाइट को PSLV रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जाएगा।

Cartosat-3

इस सैटेलाइट का मेन मकसद अंतरिक्ष से भारत पर नज़र बनाये रखना है। आपदाओं के साथ-साथ इस सैटेलाइट से भारत की सीमाओं पर भी नज़र रखी जाएगी। इससे देश के दुश्मनों पर और उनकी एक-एक हरकत पर आसानी से निगरानी रखी  जा सकती है। यह अंतरिक्ष से देश की आँखों का काम करेगी और इससे भारतीय सेना को काफी हद तक मदद मिल सकेगी।

Cartosat-3

इस सैटेलाइट का नाम है – Cartosat-3 (कार्टोसैट-3)। यह कार्टोसैट सीरीज़ का नौवां सैटेलाइट होगा। कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना ताकतवर है कि वह अंतरिक्ष से ज़मीन पर 1 फीट से भी कम (9.84 इंच) की ऊंचाई तक की तस्वीर ले सकेगा। इस सैटेलाइट की नज़र इतनी पैनी है कलाई पर बंधी घड़ी पर दिख रहे सही समय की भी सटीक जानकारी देगा। यह अंतरिक्ष से ज़मीन पर 0.25 मीटर यानी 9.84 इंच की ऊंचाई तक की स्पष्ट तस्वीरें ले सकता है। संभवतः अभी तक इतनी सटीकता वाला सैटेलाइट कैमरा किसी भी देश ने लॉन्च नहीं किया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here