अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का आ गया बड़ा फैसला, बढ़ गई सियासी हलचल

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अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का आ गया बड़ा फैसला, बढ़ गई सियासी हलचल

 सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के आधार पर होगी पहले सुप्रीम कोर्ट ने दैनिक सुनवाई करने का निर्णय लिया था।

सालों से चले आ रहे हैं राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। जिस तरह तीन तलाक बिल पेश हुआ उसके बाद अनुच्छेद 370 को हटा दिया गया,  उम्मीद की जा रही है कि मोदी सरकार में राम जन्मभूमि विवाद का भी फैसला हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के आधार पर होगी पहले सुप्रीम कोर्ट ने दैनिक सुनवाई करने का निर्णय लिया था।

राम जन्मभूमि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हिंदू संगठनों की ओर से लगातार केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या भूमि विवाद मामले में तीसरे दिन सुनवाई हुई। इसके साथ ही तय किया गया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक आधार पर होगी।

अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का आ गया बड़ा फैसला, बढ़ गई सियासी हलचल

पहले दैनिक सुनवाई का निर्णय हुआ था। इसके आधार पर सप्ताह में तीन दिन सुनवाई होनी थी। अब पांच दिन इस मामले की सुनवाई होगी। इस मामले पर अब जल्द फैसला आने की उम्मीद जगने लगी है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान रामलला विराजमान के वकील ने जन्मस्थली के पक्ष में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने दलीलें पेश कीं।

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चीफ जस्टिस की बेंच ने पूछा कि एक देवता के जन्मस्थल को न्याय पाने का इच्छुक कैसे माना जाए, जो इस केस में पक्षकार भी हो।  इस पर वकील ने कहा कि हिंदू धर्म में नदियों और सूर्य की पूजा होती है और उनके उद्गम स्थलों को पहले भी इसी तरह से देखा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जहां तक हिंदू देवी-देवताओं का सवाल है, अब तक उन्हें न्यायिक व्यक्ति के तौर पर देखा गया है।

वकील ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले का जिक्र किया, जिसमें गंगा नदी को न्यायिक इकाई मानते हुए केस दायर करने के योग्य माना गया था।  वकील पारासरन ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने विवादित भूमि को अटैच करते वक्त रामलला विराजमान को पक्षकार नहीं बनाया था। वकील ने जन्मभूमि की महत्ता बताने के लिए संस्कृत का श्लोक ‘जननी जन्मभूमि.…’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान होती है। दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने कहा कि रामलला विराजमान और निर्मोही अखाड़ा की ओर से दायर याचिकाएं एक दूसरे जुड़ी हुई हैं। ऐसे में अगर एक को अनुमति दी जाती है तो दूसरी अपने आप केस में शामिल हो जाएगी।

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