कोई पढ़ रहा है आपकी प्राइवेट चैट कोई है जो रख रहा है आप पर पैनी नजर…

आज के दौर में गूगल और स्मार्ट फोन के बिना रहना नामुमकिन सा हो गया है। रोजमर्रा की जिंदगी में गूगल से मिलने वाली सुविधाओं के हम आदि हो गए है। लेकिन शायद इस बात से हम वाकिफ नहीं है कि गूगल किस हद तक हमारी निजी जिंदगी में जगह बना चुका है। या यूं कहे कि अब गूगल न सिर्फ हमारी जासूसी कर रहा है, बल्कि निजी बातों को सुनकर रिकॉर्ड भी कर रहा है।

आपके बेडरूम की बातें हो रही है रिकॉर्ड, आखिर कौन है वो..?

स्मार्टफोन और टेक्नालॉजी के दौर में बिना गूगल के रहना लगभग नामुमकिन सा है। और गूगल रोजमर्रा की जिंदगी में यूजर्स को ऐसी भी सर्विस देता है जिससे लाइफ के हर छोटे-बडे काम बेहद आसान हो जाते है। लेकिन हर वक्त हमारी मदद करने वाला गूगल अब हमें मुसीबत में भी डाल सकता है। एक बार फिर से गूगल की प्रायवेसी पॉलिसी पर सवालिया निशान लगते नजर आ रहे है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्मार्टफोन के जरिए गूगल असिसटेंट और गूगल मेप्स हमारी हर एक गतिविधि पर नजर बनाए हुए है। एयरपोर्ट जा रहे लोगों को गूगल मेप ने कीचड़ में पहुंचाया

कोई  पढ़ रहा है आपकी प्राइवेट चैट कोई है जो रख रहा है आप पर पैनी नजर...

हमारी आने जाने की जगह से लेकर, कही गई हर बात को बडे गौर से न सिर्फ सुना जा रहा है, बल्कि उसे रिकॉर्ड कर उसकी क्लिप भी तैयार की जा रही है। फिलहाल आइए जानते हैं कि कैसे गूगल के पास अपने यूजर्स की लगभग सारी डिटेल मौजूद रहती है और वह किन-किन चीजों पर नजर रखता है। आपके मेट्रो का रूट और आपकी लोकेशन को ट्रैक करता है।

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इसमें लगा GPS आपके IP एड्रेस के साथ कोर्डिनेट करता है और यह आपको ट्रैक करने के लिए करीब के सेल टावर्स और Wi-Fi एक्सेस पॉइंट का भी इस्तेमाल कर सकता है। यानि आप दुनिया के किसी भी कोने में हो, आपको आसानी से ढूँढा जा सकता है। इसके साथ ही गूगल वॉइस असिसटेंट के जरिए आपके द्वारा कही गई हर निजी बात को सुन कर पब्लिक भी किया जा रहा है। यह हम नहीं कह रहे ऐसा इस रिपोर्ट में दावा किया गया है। आवाज सुन टाइपिंग करेगा गूगल डॉक्स, जानें तरीका

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रिपोर्ट का दावा है कि गूगल असिस्टेंट के माध्यम से रिकॉर्ड किए गए एक हजार से अधिक अंशों को सुना जा चुका है। हाल ही में जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है इन रिकॉर्डिग में हमें पता चला कि किसी भी व्यक्ति की निजी और संवेदनशील जानकारी को कैसे चुराया जा सकता है। इतना ही नहीं किसी भी इस रिकॉर्डिंग से बातचीत में शामिल लोगों की पहचान करना भी बहुत आसान है। ऐसा कहा जा रहा है कि किसी भी देश के सुरक्षा संस्थानों या वित्तीय संस्थानों में काम करने वाले प्रमुख लोगों की बातों का दुरुपयोग हो सकता है या फिर वो दुश्मन देशों के हाथों तक पहुंच सकती हैं। इसी तरह सेलिब्रिटीज के निजी और खास पलों की बातें रिकॉर्ड कर उन्हें सार्वजनिक करने या ब्लैकमेल करने के खतरे बहुत बढ़ चुके हैं। Google ने मनाई चांद पर उतरने की 50 वीं वर्षगांठ

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