शिमला के इस कैफ़े को चलाते हैं अपराधी, परोसते हैं पर्यटकों को खाना

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शिमला

शिमला की वादियाँ, उनकी खूबसूरती और इसके बीच बसे कुछ ठिकाने, जो सिर्फ आपको चंद पलों का सुकून नहीं, जिंदगी की नयी कहानी सुना जाते हैं। ऐसा ही एक स्थान है टक्का बेंच में रिज़ के ऊपर बना बुक कैफ़े। यूँ तो यह कैफ़े शिमला के दूसरे ठिकानों जैसा है, लेकिन एक मायने में सबसे अलग है। बुक कैफ़े को चार अपराधी चलाते हैं। शिमला के पास के कैठु जेल में ये कैदी अपनी उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।

इन चारों को जिंदगी ने दूसरा मौका दिया है। सरकार ने इन्हें समाज से दोबारा जोड़ने की पहल की है। इस कैफ़े को बनाने में 20 लाख रुपए की लागत आई है। यहाँ 40 लोगों के बैठने की जगह हैं। यहां ग्राहकों को कैदियों के बनाये स्वादिष्ट बिस्कुट और पिज़्ज़ा खाने को मिलता है।

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जयचंद, योग राज, राम लाल और राज कुमार इन चारों कैदियों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा हैं। बुक कैफ़े ने इन्हें सिर्फ समाज से जुड़ने का नहीं, बल्कि इन सब को नया जन्म दिया है। जहाँ ये खुद के जीवन को सुधार पा रहे हैं।

जयचंद कहते हैं कि सैलानी या यहां रहने वाले हमसे बात करने पर कभी शंका नहीं जताते हैं। वे हमारे इस बदलाव के बारे में और जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। इस कैफ़े में ग्राहकों को चाय, कॉफी और फूड आइटम्स के साथ पढ़ने के लिए किताबें भी मुहैया कराई जाती हैं।

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हत्या के एक मामले में 8 साल से जेल में बंद जयचंद बुक कैफे चलाते हैं। उन्होंने बताया कि कैफे में आने वाले छात्रों, पर्यटकों से बातें करके उनकी जिंदगी में काफी बदलाव आया है। अब उन्हें अपने भविष्य से काफी उम्मीदें हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हाल में इस कैफ़े का उदघाटन किया है। यह कैफ़े लोगों के लिए सुबह 10 बजे से रात के 9 बजे तक खुला रहता है इसके बंद होने के बाद कैदियों को वापस जेल में ले जाया जाता है। इस कैफ़े तक टक्का बेंच, रिज, द मॉल, शिमला, हिमाचल प्रदेश : 171001 के पते पर पहुंचा जा सकता है। अगर शिमला जाएँ, तो यहाँ भी जरूर जाइये।

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