पार्टी में असहज बयान देने वाले नेताओं पर पीएम मोदी ने अपनाया कड़ा रूख

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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के भोपाल से बीजेपी की उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर पीएम मोदी के सख्त रवैये को लेकर कई तरह के अर्थ निकाले जा रहे हैं। दरअसल साध्वी प्रज्ञा ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता दिया था। हालांकि इसके बाद उन्होंने अपने इस बयान के लिए माफी भी मांग ली थी। लेकिन पीएम मोदी ने उनके बयान को लेकर कहा कि भले ही पार्टी गोडसे को देश-भक्त कहने वाले को माफ कर दे लेकिन वह मन से माफ नहीं कर पाएंगे।

बता दें कि गांधी के हत्यारे गोडसे के पक्ष में पहले साध्वी प्रज्ञा के बयान और उसके बाद केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े सहित कुछ और बीजेपी नेताओं के बयान सामने आने के बाद लोकसभा चुनाव में बीजेपी के लिए स्थिति असहज हो गई थी। ऐसे में पीएम मोदी ने कड़ा रूख इख्तियार करते हुए ऐसे बयान देने वाले  लोगों तक संदेश पहुंचाया।

दरअसल नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस से जिस विरासत को अपने पाले में लेने की कोशिश की थी वह महात्मा गांधी और सरदार पटेल की रही है। पीएम मोदी ने हर मौके पर महात्मा गांधी को अपनी तमाम योजनाओं से जोड़ा। अपनी महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत भी गांधी जयंती के मौके पर की गई थी। वैश्विक स्तर पर नए सिरे से गांधी का नाम स्थापित करने का दावा किया। पिछले दिनों यूएन की ओर से गांधी जयंती पर एक साथ 100 से अधिक देशों के कलाकारों ने गांधी को श्रद्धांजलि दी थी। इसे मोदी सरकार ने अपनी बड़ी सफलता बताया था। इस साल मोदी सरकार पूरे विश्व में गांधी की 150वीं जयंती भी मना रही है।

हालांकि पार्टी ने भी यह भी साफ कर दिया कि महात्मा गांधी पर दिए गई टिप्पणी को लेकर साध्वी प्रज्ञा के बयान से उसका कोई लेना देना नहीं है, लेकिन उन्हें टिकट दिए जाने को लेकर पार्टी बिल्कुल बैकफुट पर नहीं जएगी। इन दोनों मुद्दे को अलग-अलग कर पेश करेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी से इससे जुड़ा सवाल पूछा गया तो पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उन्हें टिकट देना एक तरह हिंदू को आतंकवाद से जोड़ने की कांग्रेसी साजिश के खिलाफ सत्याग्रह है।

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