कांग्रेस ने दिया एक नया सियासी मोड़, प्रधानमंत्री पद को लेकर कह दी ये बड़ी बात

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लोकसभा चुनाव 2019 के आखिरी दौर के मतदान होने वाले है। जिसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के बीच घमासान जारी है। 19 मई के दिन होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस प्रेस कॉन्फ्रेंस करके एक नया सियासी मोड़ दे दिया है।

राज्यसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवादाता सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ‘अच्छा होगा अगर लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार चलाने के लिये कांग्रेस नेता के नाम पर आम सहमति बने लेकिन हम इसे कोई मुद्दा नहीं बनाने जा रहे कि अगर कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की पेशकश नहीं की गई तो कांग्रेस किसी और नेता को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे।’’

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पूर्व केंद्रीय मंत्री आजाद ने कहा कि कांग्रेस का केवल एक ही उद्देश्य है कि एनडीए को केंद्र में सरकार बनाने से रोकना है। साथ ही देश की सत्ता पर एक गैर-एनडीए सरकार बनाना है।

उन्होंने दावा किया कि इस बार के लोकसभा चुनाव में भाजपा 125 सीटों तक सिमट जाएगी हालांकि कांग्रेस इस चुनाव में कितनी सीट अपने नाम करती है इस पर उन्होंने ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।

आजाद ने ये दावा किया कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में न तो बीजेपी और न ही एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में इस बार नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे। उन्होंने कहा की इस बार सतप्रतिशत उम्मीद है कि गैर बीजेपी सरकार बनेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव अब आखिरी चरण में हैं और देश भर में चुनाव प्रचार के अपने अनभुव के आधार पर मैं कह सकता हूं कि केंद्र में फिर से न तो बीजेपी और न ही एनडीए की सरकार बनेगी।’’ यहां पत्रकारों से उन्होंने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में गैर एनडीए-गैर बीजेपी सरकार बनेगी।’’

आजाद ने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद बीजेपी पूरी तरह बेनकाब’ हो गई है क्योंकि उसने समाज में नफरत फैलाने और बांटने’’ की अपनी विचारधारा का अनुसरण किया है। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों और उद्योपतियों की पार्टी के तौर पर बीजेपी सरकार की नीति और सिद्धांत का खुलासा हो गया है।

गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने ‘‘अमीर-समर्थक’’ नीति का पालन किया है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी प्रमुख वर्ग किसान, युवा, महिलाएं और मजदूर आज केंद्र सरकार की ‘‘गलत’’ नीति के चलते निराश हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने युवाओं को पांच साल में 10 करोड़ नौकरी का वादा किया गया था लेकिन इसके बजाय नोटबंदी और जीएसटी को गलत तरीके से लागू किये जाने के कारण 4।73 करोड़ नौकरियां छिन गयीं।

कांग्रेस नेता ने राडार से जुड़े प्रधानमंत्री के बयान को लेकर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘विज्ञान के संबंध में प्रधानमंत्री के बयान को देखने के बाद मैं समझता हूं कि मुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए।’’

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