रिलायंस के इस कदम से डिजिटल हो जायेगा रिटेल बाजार, डिवाइस के जरिए जोड़े जाएंगे ग्राहक

0
216
रिलायंस

मुकेश अंबानी की रिलायंस कंपनी देश के रिटेल किराना बाजार में ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म लेकर आने वाली है। कंपनी के इस बाजार में आने से डिजिटल रिटेल स्टोर की संख्या अभी के 15 हजार से बढ़कर 2023 तक पचास लाख से अधिक हो जाएगी।

बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच की एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। देश का खुदरा बाजार करीब 700 अरब डॉलर (करीब 49 खरब रुपये) का है और इनमें 90 प्रतिशत हिस्सेदारी असंगठित क्षेत्र की है।

वहीँ रिपोर्ट में कहा गया है कि असंगठित क्षेत्र में ज्यादातर मोहल्लों में स्थित किराना दुकानों की हिस्सेदारी है। ये किराना स्टोर अपनी प्रौद्योगिकी को उन्नत बनाना चाह रहे हैं जिससे डिजिटलीकरण में गति आ रही है।

रिलायंस

रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में 10 हजार रिटेल आउटलेट के साथ, रिलायंस दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाने के लिए काम कर रहा है।

रिलायंस विश्व का सबसे बड़ा ऑनलाइल-टू-ऑफलाइन ई-वाणिज्य मंच तैयार करने पर काम कर रही है। रिलायंस मोहल्लों में स्थित किराना दुकानों को जियो मोबाइल प्वायंट ऑफ सेल के जरिये अपने 4जी नेटवर्क से जोड़ने के अवसर तलाश रही है जिसका इस्तेमाल उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने में किया जाएगा।

रिलायंस इस श्रेणी में स्नैपबिज, नुक्कड़ शॉप्स और गोफ्रुगल जैसी कंपनियों को टक्कर देगी।

रिपोर्ट में कहा गया कि रिलांयस महज तीन हजार रुपये में मोबाइल पॉइंट ऑफ सेल मशीनें दे रही है जबकि स्नैपबिज इसके लिए 50 हजार रुपये का शुल्क लेती है।

नुक्कड़ शॉप्स की मशीनें 30 हजार रुपये से 55 हजार रुपये की लागत में मिल पाती हैं जबकि गोफ्रुगल के लिए 15 हजार रुपये से एक लाख रुपये का भुगतान करना होता है।

आपको बता दें कि देश के छोटे शहरों, गांवों और कस्बों में मौजूद किराना दुकानों में यह पीओएस डिवाइस देने वाली कंपनीज में स्नैपबिज, नुक्कड शॉप, और गोफ्रुगल शामिल हैं।

स्नैपबिज ने देश के 7 से ज्यादा शहरों में 4,500 डिवाइसेज को इंस्टॉल किया है। यह आंकड़ा देश के कुल डिजिटाइज किए गए किराना स्टोर का 30 फीसदी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here