सरकारी फैसले से महंगी होगी चीनी, व्यापारियों का कहना है कि इससे किसानों को भी कोई फायदा नहीं

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केंद्र सरकार के फैसले से चीनी महंगी होने जा रही है। सरकार ने चीनी मिल की तरफ से चीनी की बिक्री के लिए  न्यूनतम मूल्य को 29 रु. से बढ़ाकर 31 रु. कर दिया , यानी कि अब चीनी मिल वाले चीनी कम से कम 31 रु. प्रति किलोग्राम की दर से देंगे। मिल से चीनी थोक मंडी में और फिर वहां से खुदरा व्यापारियों के पास जाती है। अभी चीनी की कीमत 40 रु./kg है जिसमें अब और बढ़ोतरी हो जाएगी। चीनी पर 5 % की दर से GST भी लगता है।

चीनी के एक थोक व्यापारी विक्की गुप्ता ने बताया है कि सरकार ने 8 माहिने पहले भी चीनी मिल के न्यूनतम बिक्री मूल्य में बढ़ोतरी करते हुए मूल्य को 29 रु./kg दिया था, सरकार की मंशा थी कि बिक्री मूल्य बढ़ाने से चीनी मिल वाले गन्ना किसानों को उनके बकाए का आसानी से भुगतान कर सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गन्ना किसानों के करोड़ों रु. चीनी मिलर के पास बकाया हैं। गुप्ता ने बताया कि सरकार ने किसानों के बकाए भुगतान के लिए फिर से मिलर्स के न्यूनतम मूल्य में बढ़ोतरी कर दी है। लेकिन इससे क्या किसानों को उनका बकाया मिल जाएगा? दिल्ली अनाज मंडी के थोक कारोबारियों ने बताया कि चीनी के मूल्य में इस बढ़ोतरी की वसूली आम आदमी से की जाएगी और उन्हें महंगी चीनी खरीदनी पड़ेगी।

इस साल चीनी के उत्पादन ंमें हो सकती है कमी

भारतीय शुगर मिल्स एसोसिएशन के मुताबिक सितंबर में खत्म होने वाले मौजूदा मार्केटिंग वर्ष (2018-19) के पहले तीन महीनों में ही चीनी का उत्पादन 8% बढ़कर 185 लाख टन हो गया। इस मार्केटिंग वर्ष में चीनी का कुल उत्पादन घटकर सिर्फ 307 लाख टन रहने की संभावना इस वर्ष है। पिछले साल  2018 में 325 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

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